Thursday, April 28, 2011


 
हाँ..कुछ ना कुछ तो है
क्या है..,
क्यूँ है..,
कैसा है...
जानना भी नहीं चाहता
 
बस..
कुछ तो है...
ये एहसास ही काफी है
 
अब कहने को कोई भी नाम दे दो
क्या फर्क पड़ता है..
कुल जमा हासिल बस ये
की
कुछ तो है...

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